What is JEE Advance

What is JEE Advance:

What is JEE Advance: check details of JEE Advance and JEE Mains


What is JEE Advance:

बहुत से छात्रों का आईआईटीन बनने का सपना रहता है लेकिन इसकी पढ़ाई काफी कठिन और चैलेंजिंग होता है इस परीक्षा को पास करने के लिए लाखों छात्र हर साल परीक्षा देते हैं लेकिन उसमें से बहुत कम छात्र ही जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में सम्मिलित हो पाते हैं तो चलिए हम यहां विस्तार से जानते है इसके बारे में जेईई एडवांस में सम्मिलित होने से पहले उसके प्रक्रिया क्या है किस तरह से हम जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं तथा उसमें उत्तीर्ण हो कर आईआईटीन बनने का सपना पूरा कर सकते हैं । हर छात्र का सपना होता है कि वह आईआईटीन बन कर अपने फ्यूचर को ब्राइट कर सके तथा अच्छी जॉब पा सके और अपने सपने को पूरा कर सके ,लेकिन आईआईटीन बनने के लिए इसके पीछे काफी लगन मेहनत और एकाग्रता की जरूरत होती है। क्योंकि इसका सिलेबस काफी कठिन होता है जिसमें (PCM) भौतिक विज्ञान, केमिस्ट्री व मैथ की काफी कठिन सवाल आते हैं।।


What is JEE Mains: 12वीं में भौतिक विज्ञान ,केमिस्ट्री, मैथ में (PCM) अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण होने के बाद ,अच्छी तैयारी करें उसके बाद जेईई मेंस ( jee mains) की परीक्षा दें जेईई मैंस में 75 क्वेश्चन की तीन पेपर होता हैं (प्रत्येक 25 क्वेश्चन का) जो कुल 300 अंकों का होता है। जिसमें (PCM) भौतिक विज्ञान ,केमिस्ट्री और मैथ की साल में दो बार एग्जाम होती है, (जनवरी व अप्रैल) अगर आप जेईई मैंस ( jee mains) में उत्तीर्ण हो जाते हैं तो आप जेईई एडवांस की परीक्षा दे सकते हैं।


What is JEE Advance: जेईई एडवांस की परीक्षा साल में एक बार होती है जो हर साल मई महीने में होती है इस परीक्षा में कुल दो पेपर होते हैं प्रत्येक पेपर में 51 क्वेश्चन आते हैं जिसमें भौतिक विज्ञान, केमिस्ट्री, मैथ (PCM) के प्रत्येक पेपर में 17 प्रश्न पूछे जाते हैं तथा दूसरे पेपर में भी 51 क्वेश्चन आते हैं जिसमें प्रत्येक भौतिक विज्ञान, के मिस्ट्री, मैथ में 17 क्वेश्चन पूछे जाते हैं दोनों पेपर को मिलाकर 102 क्वेश्चंस पूछे जाते हैं दोनों पेपर को मिलाकर 360 नंबर के क्वेश्चंस पूछे जाते हैं दोनों ही पेपर एक ही दिन में सुबह और शाम की पाली में कराए जाते हैं इसी 360 नंबर में अच्छे नंबर लाने वालों छात्रों का रैंक अच्छा आता है जो छात्र जैसा नंबर लाता है उसके हिसाब से उसकी रैंकिंग बनती है और अच्छे रैंक लाने वाले छात्रों को अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल जाता हैं।

Read More: Aerospace Engineering

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.